इस्कॉन की भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा 24 जुलाई को, धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र नगरी सजकर तैयार

 क्रेन के माध्यम से अर्पित होगा 56 भोग


राजेश वर्मा। कुरुक्षेत्र भूमि 

कुरुक्षेत्र, 23 जुलाई

धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में 24 जुलाई को इस्कॉन द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी की भव्य वार्षिक रथ यात्रा निकाली जाएगी। पुरी की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा की तर्ज पर आयोजित होने वाले इस महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। हरिनाम संकीर्तन, पुष्पवर्षा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं विशाल भंडारे के साथ यह उत्सव पूरे नगर को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर देगा।

इस्कॉन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष श्रीमान साक्षी गोपाल प्रभुजी ने बताया कि रथ यात्रा का शुभारंभ ज्योतिसर स्थित श्री कृष्ण अर्जुन मंदिर में भगवान की विशेष पूजा-अर्चना एवं महाआरती के साथ होगा। इसके पश्चात भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी का भव्य रथ नगर भ्रमण के लिए निकलेगा। श्रद्धालु भगवान के रथ की रस्सी खींचकर उनके दिव्य दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे।

कार्यक्रम की रूपरेखा

रथ यात्रा महोत्सव के अंतर्गत प्रातःकाल से ही श्री कृष्ण अर्जुन मंदिर, ज्योतिसर में विशेष पूजा-अर्चना एवं दर्शन का क्रम प्रारंभ होगा। दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी की विशेष महाआरती, कीर्तन एवं महाप्रसाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

सायंकाल 5 बजे श्री व्यास गौड़ीय मठ, ब्रह्मसरोवर से भगवान का भव्य रथ नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेगा। रथ यात्रा ब्रह्मसरोवर, जाट धर्मशाला, थीम पार्क, गुरुद्वारा चौक, रेलवे रोड, खंडा चौक होते हुए सेक्टर-13 स्थित कम्युनिटी सेंटर पहुंचेगी, जहां विशाल भंडारे एवं महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा भगवान का स्वागत किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, शीतल पेय एवं अन्य सेवा व्यवस्थाएं भी की गई हैं।


क्रेन के माध्यम से अर्पित होगा 56 भोग

रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ को विशेष रूप से 56 प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र होगा, जब क्रेन की सहायता से ऊंचाई पर विराजमान भगवान को भव्य छप्पन भोग समर्पित किया जाएगा। इस दौरान हरिनाम संकीर्तन एवं जयघोषों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहेगा।

हरिनाम संकीर्तन, पुष्पवर्षा और स्वागत मंच रहेंगे आकर्षण

रथ यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों द्वारा स्वागत मंच लगाए जाएंगे। अनेक स्थानों पर भगवान के रथ पर पुष्पवर्षा की जाएगी तथा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था रहेगी। यात्रा में इस्कॉन के भक्त मधुर हरिनाम संकीर्तन करते हुए आगे बढ़ेंगे, जिससे संपूर्ण नगर में आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण बनेगा। पूरा यात्रा मार्ग सजकर तैयार हो चुका है। 

कुरुक्षेत्र से जुड़ा है रथ यात्रा का विशेष आध्यात्मिक संबंध

इस्कॉन कुरुक्षेत्र के उपाध्यक्ष श्रीमान मोहन गौरचंद्र प्रभुजी ने बताया कि शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान श्रीकृष्ण से विरह में व्याकुल वृंदावनवासियों ने कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण के समय उनसे मिलकर उन्हें पुनः वृंदावन ले जाने की इच्छा व्यक्त की थी। रथ यात्रा उसी दिव्य भाव का स्मरण कराती है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ स्वयं भक्तों के बीच आकर सभी को अपनी कृपा प्रदान करते हैं। रथ यात्रा के दर्शन और सहभागिता से आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित इस महोत्सव में भाग लेने और भगवान जगन्नाथ की कृपा प्राप्त करने का आग्रह किया।


रथ यात्रा कार्यक्रम एक नज़र में

📍 दोपहर 12:00–3:00 बजे — महाआरती, कीर्तन एवं महाप्रसाद, श्री कृष्ण अर्जुन मंदिर, ज्योतिसर

📍 सायं 5:00 बजे — रथ यात्रा प्रारंभ, श्री व्यास गौड़ीय मठ, ब्रह्मसरोवर

📍 मार्ग — ब्रह्मसरोवर → जाट धर्मशाला → थीम पार्क → गुरुद्वारा चौक → रेलवे रोड → खंडा चौक → सेक्टर-13

📍 समापन — कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-13

📍 आकर्षण — हरिनाम संकीर्तन, पुष्पवर्षा, 56 भोग, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं विशाल भंडारा


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