भक्ति की सुरमयी प्रभात ने गुरुद्वारा रोड को बना दिया वृंदावन, भजनों की स्वर लहरियों में झूम उठे श्रद्धालु
पिहोवा आज प्रातः गुरुद्वारा रोड का वातावरण किसी तीर्थधाम से कम नहीं लग रहा था। चारों ओर "राधे-राधे" और "श्याम-श्याम" के जयघोष गूंज रहे थे। श्री कृष्ण कृपा परिवार द्वारा राकेश धवन के सौजन्य से आयोजित प्रभात फेरी में ऐसा भक्तिमय माहौल बना कि राह चलते लोग भी कुछ पल रुककर प्रभु नाम के इस दिव्य उत्सव का हिस्सा बन गए।
मंगलाचरण एवं विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात भजनों की सुरमयी सरिता प्रवाहित हुई। जगदीश तनेजा, सुरेश वर्मा, काका ग्रोवर, तान्या सैनी, सुभाष अग्रवाल, धर्मपाल बैरागी, डॉ. विनोद धीर, राज धवन, कृष्ण अरनेचा तथा संत साधना भाई ने अपने मधुर एवं भावपूर्ण भजनों से ऐसा आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया कि हर श्रद्धालु स्वयं को प्रभु के चरणों में समर्पित अनुभव करने लगा।
कार्यक्रम उस समय भावनाओं के चरम पर पहुंच गया जब धर्मपाल बैरागी ने अत्यंत मार्मिक भजन "मुख दुनिया मोड़ेगी, सतगुरु तू मुखड़ा ना मोड़ी..." प्रस्तुत किया। इस भजन के प्रत्येक शब्द ने श्रद्धालुओं के हृदय को स्पर्श किया और अनेक भक्त भावुक हो उठे। इसके पश्चात संत साधना भाई ने जब "रस पीना है तो चल बरसाने में..." का मधुर गायन किया तो पूरा वातावरण मानो बरसाने की गलियों में परिवर्तित हो गया। श्रद्धालु ताली बजाते, झूमते और राधे-राधे का गुणगान करते हुए भक्ति रस में पूरी तरह डूब गए।
भजनों के पश्चात संत साधना भाई ने अपने ओजस्वी एवं आत्मस्पर्शी आध्यात्मिक प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि जीवन का वास्तविक आनंद धन-दौलत में नहीं, बल्कि प्रभु के नाम, सेवा, सत्संग और प्रेम में है। उनके प्रेरणादायी शब्दों ने हर हृदय में भक्ति का नया दीप प्रज्ज्वलित कर दिया।
इस अवसर पर आयोजनकर्ता धवन परिवार को संत साधना भाई, मनोहर लाल शर्मा, राजकुमार गोस्वामी, शिव चरण बहल, राजेंद्र गुलाटी, दिनेश तिवारी, तेजेंद्र वालिया तथा डॉ. अवनीत वड़ैच ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सेवा और भक्ति के प्रति उनकी समर्पित भावना का सम्मान था।
इस प्रभात फेरी में जगदीश धवन, अशोक ग्रोवर, रमेश धवन, सुभाष धवन, महेंद्र गर्ग, वरुण धवन, बलदेव सैनी, महेश तलवार, देव पूर्णिमा, विजय धवन, लाला जय नारायण गर्ग, मुकेश धवन, दीपक वत्ता, ज्ञान भूषण पपनेजा, राजीव दुआ, तीरथ राम धीमान तथा रमेश चोपड़ा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर प्रभु नाम का गुणगान किया।
प्रभात फेरी के समापन पर ऐसा अनुभव हो रहा था मानो प्रभु श्रीकृष्ण की कृपा प्रत्येक हृदय पर बरस रही हो। हर चेहरे पर आत्मिक शांति, हर अधरों पर "राधे-राधे" और हर मन में यही संकल्प था कि प्रभु नाम की यह ज्योति निरंतर जलती रहे, ताकि समाज में प्रेम, सेवा, संस्कार और भक्ति का प्रकाश सदैव फैलता रहे।
