विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अब दावे और आपत्तियों को निपटाने का अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण:गुरविंदर सिंह

 

राजेश वर्मा। कुरुक्षेत्र भूमि

पिहोवा 30 जुलाई 

निर्वाचन पंजीयन अधिकारी एवं उपमंडल अधिकारी नागरिक गुरविंदर सिंह ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का दूसरा फेज शुरू किया गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत गणना का कार्य पूरा होने के बाद अब दावे और आपत्तियों के निस्तारण का चरण शुरू हो गया है। इसको लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिला चुनाव कार्यालय ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसको लेकर सभी सहायक निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों एवं सुपरवाइजर को आज ट्रेनिंग भी दी गई, ताकि उनके पास आने वाले शिकायत और ऑब्जेक्शन का सही तरीके से समाधान किया जा सके।

उपमंडल अधिकारी नागरिक गुरविंदर सिंह वीरवार को कार्यालय कांफ्रेंस हॉल में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अब 31 जुलाई को ड्राफ्ट सूची प्रकाशित की जाएगी। सूचियों को प्रकाशित करनी की जगह चिन्हित की जा चुकी है। इसके साथ ही राजनैतिक दलों को इन सूचियों को उपलब्ध करवाया जाएगा। इस सूची में जो भी कमियां, खामियां होगी, उनको दुरुस्त करवाने के लिए 31 जुलाई से 30 अगस्त तक एआरओ को जमा करवा सकते हैं। सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने के बाद 3 अक्टूबर को फाइनल सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रमुख मतदाताओं का सत्यापन किया जा चुका है। इनकी सूची बनाकर भेजी जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार पूरी की जाए। पिहोवा विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) यह सुनिश्चित करें कि हर मतदाता को यह जानकारी हो कि उसे अपना दावा या आपत्ति किस कार्यालय में जमा करनी है। उन्होंने कहा कि पिहोवा विधानसभा में पर्याप्त कर्मचारियों, इंटरनेट कनेक्टिविटी, फर्नीचर, कंप्यूटर व अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे तय किया गया है।

उपमंडल अधिकारी नागरिक गुरविंदर सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोडऩे, हटाने, संशोधन कराने या अन्य बदलाव के लिए फार्म-6, फार्म-7 और फॉर्म-8 पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होने चाहिए। यदि कहीं इनकी कमी हो तो तुरंत निर्वाचन कार्यालय को सूचित किया जाए। नए मतदाता का आवेदन के लिए 1 जुलाई को 18 वर्ष पूर्ण होने मानकर किया जा सकता है। नए मतदान के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अनुपस्थित (एब्सेंट ), मृत (डेड ), स्थानांतरित (शिफ्टेड ) और डुप्लीकेट (डुप्लीकेट ) मतदाताओं की सूची संबंधित मतदान केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित की जाए, ताकि इससे मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

उन्होंने निर्देश दिए कहा कि दावे और आपत्तियों की सुनवाई प्रतिदिन निर्धारित समय पर है तथा सभी आवेदनों का तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। निर्वाचन पंजीयन अधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है या सूची में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वह निर्धारित अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित ईआरओ या एईआरओ कार्यालय में अपना दावा या आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं। इस मौके पर निर्वाचन कानूनगो सुदेश, राजनीतिक दल प्रधान और प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे

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