गुरु पूर्णिमा पर जग ज्योति दरबार बिजडपुर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज ने दिया गुरु महिमा,सनातन संस्कृति एवं गौ सेवा का प्रेरणादायी संदेश



राजेश वर्मा। कुरुक्षेत्र भूमि

शाहाबाद मारकंडा।

 गुरु पूर्णिमा के पावन एवं शुभ अवसर पर जग ज्योति दरबार, बिजडपुर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ दरबार के महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज के दिव्य दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए हरियाणा सहित विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुँचे। प्रातःकाल से ही दरबार परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और संपूर्ण वातावरण गुरु भक्ति, भजन-कीर्तन तथा जयघोष से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज द्वारा अपने परम पूज्य गुरुदेव का विधिवत पूजन-अर्चन एवं वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ हुआ, जिसके उपरांत श्रद्धालुओं ने क्रमबद्ध होकर महाराज जी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जग ज्योति दरबार की पावन धरा पर पहुँचते ही मन को अद्भुत शांति, आत्मिक ऊर्जा और सकारात्मक अनुभूति प्राप्त होती है तथा यहाँ सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ आने वाले प्रत्येक भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दरबार प्रबंधन द्वारा जलपान, पेयजल, विश्राम एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष प्रबंध किया गया, जिसकी सभी भक्तों ने सराहना की। उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही वह दिव्य शक्ति है जो अज्ञान रूपी अंधकार को समाप्त कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता जन्म देते हैं, जबकि गुरु जीवन जीने की सही दिशा, संस्कार और आध्यात्मिक मार्ग प्रदान करते हैं। गुरु अपने शिष्यों को संतान समान स्नेह देते हुए उनके सुख, समृद्धि, उन्नति और कल्याण के लिए सदैव समर्पित रहते हैं। अपने आध्यात्मिक संदेश के साथ महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज ने समाज में सनातन संस्कृति, गौ संरक्षण और धार्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिए जाने की पुरजोर मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का आधार है तथा प्रत्येक व्यक्ति को गौ संरक्षण का संकल्प लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए। महंत जी की इस अपील का उपस्थित श्रद्धालुओं ने करतल ध्वनि के साथ जोरदार समर्थन किया तथा गौ रक्षा एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया। गुरु पूर्णिमा का यह भव्य आयोजन श्रद्धा, आध्यात्मिक ऊर्जा, सामाजिक जागरूकता और गौ सेवा के संदेश के साथ संपन्न हुआ।



Previous Post Next Post